मैं शादीसुदा हूँ
ये स्टोरी आज से २ साल पहले की है जब मै नई नई सुसराल आयी थी. मेरे सुसराल में
केवल ४ लोग है मेरी सास ४० वर्ष की ससुर ४५ वर्ष के ननद १८ साल की और मेरे पति का
मार्किटिंग का काम था इसलिए वो जयादातर शहर से बाहर ही रहते थे मेरी शादी को केवल
४ महीने ही हुए थे और मेने केवल ८-१० बार ही सेक्स किया था एक दिन की बात है, घर में मै और
मेरी ननद ही थी मै अपने रूम में टी.वी देख रही थी मुझे पेशाब लगी और मैं अपने रूम
से निकल कर टोलिट जाने लगी तभी मुझे ऐसा लगा की मेरी नंनद पूजा रो रही है मुझे ये
आवाज उसके रूम से आ रही थी मेने सोचा आवाज लगाऊ.
फिर कुछ सोच कर
रूम के की होल से देखने लगी. मुझे उस पे बहुत गुस्सा आ रहा था मुझे देख कर वो डर
गयी मेने उसे बताया मेने सब देख लिया है अंदर क्या चल रहा था तो वो रोने लगी और
कहने लगे मुझसे कण्ट्रोल नहीं होता तो मै चुप हो गयी मैने उस को समझाया कोई बॉय
फ्रेंड बना लो और उसके साथ सेक्स का मज़ा लो फिर वो कहने लगी बॉय फ्रेंड तो है
लेकिन डर लगता है क्योकी आदमी का लंड तो बहुत बड़ा होता है
मैने कहा किसने
कहा आदमी का लंड तो बहुत बड़ा होता है तो वो बोली की मैने देखा है मैने कहा किसका
देखा है वो बोली पापा का देखा है और उसने बताया पापा का लंड गधे जितना लंबा और
मोटा है मुझे विश्वास नहीं हुआ मैने किसी तरह उसको समझा कर कसम दिलाई आगे से कुते
से मत चुदना लेकिन मेरे दिमाग में तो ससुर जी का लंड घूमने लगा था मैने सोचा एक
बार ससुर जी का लंड देखा जावे फिर एक दिन मोका मिल ही गया घर के सब लोग बाहर गए
हुए थे और दो दिन बाद आने वाले थे केवल में और ससुर जी घर पे थे मैने सोचा अच्छा
मोका है मैने रात को उनके दूध में नीद की गोलिया मिला दी वो रात को दूध पी कर सो
गए एक घंटे बाद ससुर जी के रूम में गयी उनको हिलाया मगर वो नहीं हिले में समझ गयी
अब वो जागने वाले नहीं है| मैने उनकी लूंगी हटा कर कचछे का नाडा खोला और
......उनका लंड देखा और हैरानी से सन रह गयी उनका लंड सोया हुआ भी करीब 5 ईच लंबा
होगा फिर मेरी चुत में भे चीटिया दोडने लगी मेरे मन में आया इसे खडा कर के देखती
हूँ मैने लंड को मुह में ले कर थोडा गीला किया और दोनों हाथो से मुठ मारने लगी लंड
में जैसे बिजली का करंट दोड गया वो खडा हो कर लगभग १२ ईच लंबा हो गया
फिर सोचा देखती
हू अगर मेरी चुत में घुसा तो कहा तक जवेगा मैने अपनी साडी और पेटीकोट निकल कर अलग
रख दिया और ऊपर से नापने लगी वो मेरी चुत से पेट के बीच तक आया ये सब देख कर मेरी
तो हवा खराब हो गयी जेसे मेंने हटना चाहा तो ससुर जी का हाथ अपनी जाँगो पर पाया
उन्होंने मेरी जाँगो को मजबूती से पकड़ लिया था उनकी आँख खुली हुई थे और मेरी और
देख कर मुस्करा रहे थे वो कहने लगे अब नाप तो लिया है चुत में तो लेकर देखो बड़ा
मज़ा आयेगा में डर गयी और वहा से हटना चाहा लेकिन ससुर जी ने मुझे बेड पर पटक दिया
और मेरी चूची दबाने लगे में तो उस समय मदहोस सी हो गयी थी चुत भी गीली हो गयी थी
मैने उनको रोकने की कोशिश की लेकीन ससुर जी ने मेरी एक नहीं सूनी और मेरा ब्लाउज
और ब्रा निकल कर फैक दी और मेरी एक चूची मुह में ले कर चूसने लगे में तो जैसे पागल
सी हो गयी !
मेरी चुत में एक
उंगली डाल कर अंदर ......बाहर करने लगे थोड़ी देर ऐसा करने से मेरी चुत पनिया गयी
थी अब ससुर जी मेरी टांगो के बीच में आ गए और मेरी चुत जोरो से चाटने लगे मुझे लगा
मेरा पानी निकल जावेगा मैने ना चाह कर भी ससुर जी का लंड हाथ में पकड़ लिया और आगे
पीछे जोरो से करने लगी ससुर जी का लंड इस समय एक मोटी लोहे की राड जेसा लग रहा था
अचानक ससुर जी ने लंड को अपने हाथ में पकड़ा और मेरी गीली चुत के दाने पर घिसने
लगे मेरी तो जान ही निकल गयी और मेरे मुँह से कामुक सिसकियाँ निकलने लगी लग रहा था
चुत का लावा अभी
बाहर आ जवेगा और ५ मिनट बाद ही मेरी चुत से बरसात होने लगी ससुर जी मेरी तरफ
मुस्करा कर देखा और बोले बहु अभी तो लंड चुत के अंदर भी नहीं गया तेरी चुत ने तो
ढेर सारा पानी भी छोड दिया यह सुन कर मेरे गाल शर्म से लाल हो गए और मैने धीरे से
ससुर जी के कान में कहा पापा जी मेरी चुत बहुत दिनों से पयासी है इसकी प्यास बुझा
दो प्लीज! ससुर जी प्यार से मेरे होठ चूसने लगे फिर मेरी चुत चाटने लगे और अपनी
जीभ मेरी चूत में घुमाने लगे , अचानक उसने अपनी जीभ मेरे चूत के दाने पर लगाई
और कस कर चूस दिया। मेरे मुँह से जोर की सीत्कार निकल गई “उईई …… माँ……… और…… चूसो… न…… ।”
ससुर जी ने अब दो
उंगली चुत में डाल दी और अंदर बाहर ...करते हुए मेरे चूत के दाने को चूसते रहे
मेरी चुत में तो अब जेसे आग लगी थी लगता था एक बार फिर चुत का रस बाहर आ जावेगा !
मैने ससुर जी को कहा पापा जी मेरी चुत मुझे बहुत ही तंग करती है, मुझे ! बहुत ही
खुजली मचती है इसमें ! बस अब मेरी चूत में अपना लन्ड डाल कर कस कर चोद डालो !” मेरी प्यास बुझा
दो ना अब सहा नहीं जा रहा और ससुर जी के हलंबी लंड को हाथ में ले कर मसलने लगी लंड
की मोटाई मेरी मुठी में नहीं आ रही थी ये सोच कर की मेरी चुत आज जरूर फट जवेगी में
थोडा डर भी गयी ससुर जी ने ये मेरे चेहरे को देख कर भाँप लिया और प्यार से बोले
बहु घबरा मत आज तुझ्रे वो मज़ा दूगा फिर कभी दूसरे लंड से नहीं चुदवाओगी! “लेकिन पापा जी आज
आप मेरी चूत को ऐसे चोदना कि इस साली को चैन पड़ जाये !” ससुर जी ये सुन
कर थोड़े मुस्कराए और कहा बहु चल अब लंड को मुह में ले कर चूस ! लंड तो पहले से ही
लोहे की राड जेसा था
मै अब लंड को
चूसने लगी ससुर जी भी पुरे जोश में आ गए थे और मेरे मुह को लंड से चोदने लगे मेरी
तो साँस ही रुकने लगी ! कुछ देर ऐसा करने के बाद अब ससुर जी ने अपना लंड मेरी चुत
के मुह पर रखा और थोडा धीरे से अंदर किया पक की आवाज से लंड का टोपा चुत में चला
गया और एक जोर का धकका मारा लंड करीब ३-४ इंच अंदर चला गया ...मेरी तो जान ही निकल
गयी ! ससुर जी पुराने खिलाडी थे लंड पूरा अंदर ना कर के धीरे धीरे धकके लगाने लगे
! लन्ड काफ़ी मोटा और तगड़ा था जिससे मेरी चूत कसी हुई थी। जैसे ही वो अपना लन्ड
बाहर निकालता मेरी चूत के अन्दर का छल्ला बाहर तक खिंच कर आता और लन्ड के साथ
अन्दर चला जाता। कुछ देर तक ऐसे चोदने के बाद उन्होंने एक तकिया मेरी गाँड के नीचे
लगा दिया जिससे मेरी चूत ऊपर उठ गई और चूत का छेद थोड़ा सा खुल गया ! अपना लन्ड
मेरे योनि-द्वार पर रखा और कमर को पकड कर एक जोर से झटका दिया,ससुर जी का पूरा
लन्ड मेरी चूत को चीरता हुआ अन्दर के आखिरी हिस्से पर जा टकराया। में उत्तेजना में
भर गई, और उनके सीने से चिपक गई और मेरे मुँह से निकल पड़ा,”ओह्ह्ह्…… …हाय्… ………अब……मजा मिला है !
बस पापा जी ऐसे
ही चोदते रहो बहुत मज़ा आ रहा है !फिर उन्होंने मेरी दोनों टाँगों को ऊपर उठाया और
मेरी चूत में लन्ड तेज रफ़्तार से आगे पीछे करने लगे। पुरे कमरे में फचा फच ....
....फचा फच की आवाज आ रही थी मेरी कामोत्तेजना इतनी तीव्र हो गयी थी कि मेरा सारा
शरीर तप रहा था, मैने उन्माद में अपनी दोनों आँखें बन्द कर रखी थी, मेरा शरीर मछली
की तरह तड़प रहा था और मुझे कुछ होश नहीं थाजैसे ही ससुर जी का लन्ड मेरी ...चूत
में जाता,में अपनी कमर उठा कर लन्ड को अन्दर तक समा लेती, लन्ड के हर
प्रहार का जबाव में अपने चूतड़ उठा उठा कर दे रही थी।
कमरे में मेरे
मुँह से उत्तेजना भरी आवाजें गूंज रही थीं,” आह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह !
उईईईईई………उम्म्म्म्म्म्म्……… ।आह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्……… ओह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्…… चोद ! मुझे ! कस
कर ! हाँ ………और तेज ! जोर जोर से चोद मुझे ! अन्दर तक पेल दे अपने लन्ड
को ! फ़ाड डाल मेरी चूत को ! बहुत मजा आ रहा है। और चोद , कस कर चोद, सारा लन्ड डाल कर
पेल ! मेरी चूत बहुत ही तंग करती है मुझे ! आज इसको शान्त कर दो अपने लन्ड से !
बहुत दिन बाद चूत की खुजली मिट रही है ! हाँ और तेज ! और तेज ! उईईईईईईइ………आआआअहाआअ………उह्ह्ह्ह्ह्ह्… ह्म्म्म्म्म्म्म्म्म्म्म्……………ओफ़्फ़्फ़्फ़्फ़्फ़्फ़्फ़्……………हाँ…………” अचानक मेरा पूरा जिस्म अकडने लगा और में झड़ गई इतनी जोर से स्खलित हुई की
गर्म गर्म रस से मेरी चुत भर गयी। अभी भी ससुर जी लगातार मुझे तेजी से चोदे जा रहे
थे और करीब १५ मिनट तक चोदने के बाद मेरी चुत में ही झड गए! मुझ में अब उठ कर
बैठने की भी हिम्मत नहीं थी! ससुर जी ने मुझे गोद में उठाया और बाथरूम में ले गए
मुझे जोर का पेसाब लगा था
मैने ससुर जी को
कहा आप बाहर जाओ मुझे ...पेसाब करना है लेकीन ससुर जी नहीं माने और कहा बहु तेरी
चुत से पेसाब निकलता हुआ मुझे देखना है! में शरमा गयी ससुर जी बोले बहु अब क्यों
शरमा रही हो और में सर नीचे कर के कमोड पर बैठ कर उनके सामने मूतने लगी और मैने
देखा मेरी चुत से पेसाब के साथ खून भी आ रहा था मैने ससुर जी पर नाराजगी दिखाते
हुए कहा आपने मेरी चुत फाड दी है देखो खून भी आ रहा है ससुर जी ने नीचे झुक कर
मेरी चुत के दाने पर उंगली रगड़ दी अब मेरी चुत में जोर से खुजली हुई और मैने ससुर
जी को देखा उनका हलंबी लंड पुरे जोरो से खडा था एक बार तो में लंड को देखते ही डर
गयी लेकीन क्या करती मेरी चुत में भी तो जोरो की खुजली लगी थी अब में बेशरम बन गयी
थी ससुर जी के लन्ड को मुह मे ले कर चुसने लगी और देखते ही देखते लन्ड महाराज मेरी
पकड़ से बहार होने लगे! ससुर जी बोले बहु एक बार और चुदाई कर लेने दो मेने चुपचाप
लन्ड को चुत के दाने से रगडना शुरु कर दिया मेरी चुत मे तो जेसे आग लगी थी अब ससुर
जी ने एक ही झटके पुरा का पुरा लन्ड चुत मे डाल दिया मेरी तो जान ही निकल गई और
मेने कहा पापा जी मज़ा आ गया चोदो अपनी बहु को जोर से चोदो! कमोड पर बैठे हुए ससुर
जी ने मेरी दोनो टागे अपने कधे पर रखी हुई थी|
इस तरह से मेरी गान्ड का भुरा ......छेद साफ़ दिखाई दे रहा था ससुर जी ने चुत से लन्ड निकाला और मेरी गान्ड मे पुरे जोर से अनदर कर दिया मेरी जोरो से चीख निकल गई हाय माँ मर गई! ससुर जी का लन्ड मेरी गान्ड मे पिसटन की तरह चल रहा था! मुझ से बरदाश्त नहीं हुआ और मेरी चुत ने लबालब रस छोड दिया!आधे घंटे की घमसान गान्ड चुदाई के बाद ससुर जी ने मेरी गान्ड लन्ड रस से भर दी! अब तो ससुर जी का हलंबी लंड मेरी मुनिया चुत को भा गया था और रोज़ ही रात को चुदाई का खेल होने लगा ! एक रात को मेरी नंनद पूजा ने मेरी चुदाई का खेल देख लिया और मेने पूजा को ससुर जी यानी पूजा के पापा से केसे चुदवाया वो फिर कभी और नंनद भाभी एक साथ चुदाई का मजा लेने लगे
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